24 जुलाई 2026
झारखंड के युवा कृषि उद्यमी एवं Sansar Green के संस्थापक राजीव सिंह के नवाचार “Soil to Bazaar” मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक दैनिक हिन्दुस्तान ने अपने समाचार में इस पहल को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिससे झारखंड के कृषि नवाचार को देशभर में नई पहचान प्राप्त हुई।
यह उपलब्धि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के अंतर्गत आयोजित National Agri Startup Investment and Evaluation Program के दौरान हासिल हुई। इस कार्यक्रम का आयोजन चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान (CCS-NIAM), जयपुर द्वारा किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से चयनित एग्री-स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में राजीव सिंह ने झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए Sansar Green के “Soil to Bazaar” मॉडल की अवधारणा प्रस्तुत की। यह मॉडल किसानों को मिट्टी की जांच से लेकर बाजार तक एकीकृत सेवाएँ उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। इसमें वैज्ञानिक कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सलाह, जैविक एवं सूक्ष्मजीवी कृषि इनपुट, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, किसान प्रशिक्षण, डिजिटल समाधान और बाजार से सीधा जुड़ाव जैसी सुविधाओं को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया गया है।
इस मॉडल का उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की लागत कम करना, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना, आधुनिक तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाना तथा किसानों की आय और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि करना है।
दैनिक हिन्दुस्तान में प्रकाशित समाचार के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत इस नवाचार को कृषि विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों एवं मूल्यांकन समिति के सदस्यों ने सराहनीय पहल माना। विशेषज्ञों ने इसे तकनीक आधारित, टिकाऊ और किसान-केंद्रित कृषि व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान Sansar Green की नवाचार-प्रधान कार्यशैली और कृषि क्षेत्र में उसके दीर्घकालिक दृष्टिकोण को और मजबूत बनाती है। यह उपलब्धि इस बात का भी संकेत है कि झारखंड से विकसित कृषि समाधान अब राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
इस अवसर पर राजीव सिंह ने कहा कि Sansar Green का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादों का निर्माण करना नहीं, बल्कि किसानों के लिए ऐसा समग्र कृषि इकोसिस्टम तैयार करना है, जहाँ विज्ञान, तकनीक, नवाचार और बाजार एक साथ मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दें। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों, विशेषज्ञों, मार्गदर्शकों और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी Sansar Green किसानों के हित में नवाचार आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
