IIT Dhanbad News Archives - Sansar Green https://sansargreen.org/tag/iit-dhanbad-news/ (प्रयोगशाला से खेत तक, ज्ञान से समृद्धि तक) Fri, 02 Oct 2026 15:40:05 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.4 https://sansargreen.org/wp-content/uploads/2026/10/Logo-Sansar-Green-Small.png IIT Dhanbad News Archives - Sansar Green https://sansargreen.org/tag/iit-dhanbad-news/ 32 32 दैनिक हिन्दुस्तान में प्रमुखता से प्रकाशित: IIT (ISM) धनबाद और संसार ग्रीन की पहल से सूखे पत्ते बनेंगे समृद्ध जैविक खाद https://sansargreen.org/dainik-hindustan-iit-ism-dhanbad-sansar-green-dry-leaves/ Sat, 19 Sep 2026 09:33:49 +0000 https://sansargreen.org/?p=1928 16 सितंबर 2026 के धनबाद संस्करण में दैनिक हिन्दुस्तान ने “सूखे पत्तों को ऑर्गेनिक खाद में बदलने की तैयारी” शीर्षक से प्रकाशित की खबर धनबाद | 16 सितंबर 2026 आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और संस्थान के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप संसार ग्रीन मिशन Read More ...

The post दैनिक हिन्दुस्तान में प्रमुखता से प्रकाशित: IIT (ISM) धनबाद और संसार ग्रीन की पहल से सूखे पत्ते बनेंगे समृद्ध जैविक खाद appeared first on Sansar Green.

]]>
16 सितंबर 2026 के धनबाद संस्करण में दैनिक हिन्दुस्तान ने “सूखे पत्तों को ऑर्गेनिक खाद में बदलने की तैयारी” शीर्षक से प्रकाशित की खबर

धनबाद | 16 सितंबर 2026

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और संस्थान के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप संसार ग्रीन मिशन प्राइवेट लिमिटेड की सूखे पत्तों को उपयोगी जैविक खाद में बदलने की प्रस्तावित पहल को दैनिक हिन्दुस्तान ने अपने धनबाद संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया है।

16 सितंबर 2026 को प्रकाशित खबर में दैनिक हिन्दुस्तान ने “सूखे पत्तों को ऑर्गेनिक खाद में बदलने की तैयारी” शीर्षक के साथ इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया है।

[यहां दैनिक हिन्दुस्तान की प्रकाशित न्यूज कटिंग लगाएं]

सूखे पत्तों को कचरा नहीं, उपयोगी संसाधन बनाने की पहल

दैनिक हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद अपने इनक्यूबेटेड स्टार्टअप संसार ग्रीन के साथ मिलकर पेड़ों से गिरने वाले सूखे और बेकार पत्तों को पोषक तत्वों से समृद्ध जैविक खाद में बदलने की तैयारी कर रहा है।

इस पहल का उद्देश्य सूखी पत्तियों को जलाने या बेकार फेंकने के बजाय उनका उपयोग करना, मिट्टी की सेहत सुधारना और जैविक खेती को बढ़ावा देना है।

बड़े संस्थागत परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी मात्रा में सूखी पत्तियां निकलती हैं। इन्हें जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ सकता है, जबकि गलत तरीके से फेंकने पर इनमें मौजूद उपयोगी जैविक पदार्थ भी बेकार चला जाता है।

इसी समस्या को एक उपयोगी संसाधन में बदलना इस पहल की मूल अवधारणा है।

IIT (ISM) धनबाद में हुई रणनीतिक चर्चा

दैनिक हिन्दुस्तान में प्रकाशित रिपोर्ट में परियोजना को लेकर आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में हुई रणनीतिक चर्चा का भी उल्लेख किया गया है।

इस चर्चा में प्रो. आलोक कुमार दास, डीन, इनोवेशन एंड कॉरपोरेट रिलेशंस, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद; संसार ग्रीन के निदेशक राजीव सिंह; धनबाद की जिला कृषि पदाधिकारी अंजना; तथा आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के सहायक कुलसचिव मृत्युंजय शर्मा शामिल हुए।

परियोजना के तहत सूखी पत्तियों को वैज्ञानिक प्रक्रिया से उपयोगी जैविक खाद में बदलने और उन्हें मिट्टी के लिए पुनः उपयोगी बनाने की दिशा में काम किया जाना प्रस्तावित है।

पर्यावरण और मृदा स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ने का प्रयास

संसार ग्रीन के लिए यह पहल केवल सूखी पत्तियों के निस्तारण का विषय नहीं है। इसका उद्देश्य green waste management को मृदा स्वास्थ्य और जैविक कृषि से जोड़ना है।

सूखी पत्तियां अपने आप में जैविक पदार्थ का स्रोत हैं। उचित वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से इन्हें उपयोगी जैविक खाद में परिवर्तित कर पुनः मिट्टी तक पहुंचाया जा सकता है।

इस मॉडल का मूल विचार है:

सूखी पत्तियां → वैज्ञानिक प्रसंस्करण → समृद्ध जैविक खाद → बेहतर मृदा स्वास्थ्य → जैविक खेती

इस प्रकार जो जैविक पदार्थ पेड़ और मिट्टी से उत्पन्न हुआ है, उसे कचरे के रूप में नष्ट करने के बजाय दोबारा मिट्टी के जैविक चक्र में वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है।

दैनिक हिन्दुस्तान की खबर ने पहल के पर्यावरणीय महत्व को किया रेखांकित

दैनिक हिन्दुस्तान ने अपनी रिपोर्ट में विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया कि सूखी पत्तियों को जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जबकि उनका वैज्ञानिक उपयोग पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की सेहत—दोनों के लिए उपयोगी हो सकता है।

रिपोर्ट में प्रो. आलोक कुमार दास के हवाले से भी इस विचार को सामने रखा गया है कि सूखे पत्ते केवल कचरा नहीं, बल्कि जैविक पदार्थ का एक उपयोगी स्रोत हैं।

संसार ग्रीन का प्रयास इसी संसाधन को वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके से उपयोग में लाकर Waste-to-Wealth की अवधारणा को जमीन पर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना है।

संसार ग्रीन की प्रतिबद्धता

संसार ग्रीन मिशन प्राइवेट लिमिटेड मृदा स्वास्थ्य, माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी, जैविक कृषि और पर्यावरण-अनुकूल समाधानों पर कार्य कर रहा है। IIT (ISM) धनबाद के साथ प्रस्तावित यह पहल संस्थागत स्तर पर उत्पन्न होने वाले सूखे पत्तों के बेहतर उपयोग का एक व्यावहारिक मॉडल विकसित करने की दिशा में प्रयास है।

दैनिक हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख समाचार पत्र में इस पहल का प्रकाशन इस विषय को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

संसार ग्रीन का मानना है कि सूखी पत्तियों को समस्या के रूप में देखने के बजाय उन्हें मिट्टी के लिए उपयोगी संसाधन के रूप में देखने की आवश्यकता है—

“कचरे में नहीं, मिट्टी में लौटें सूखे पत्ते।”

The post दैनिक हिन्दुस्तान में प्रमुखता से प्रकाशित: IIT (ISM) धनबाद और संसार ग्रीन की पहल से सूखे पत्ते बनेंगे समृद्ध जैविक खाद appeared first on Sansar Green.

]]>